-दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का हुआ समापन
काशीपुर। आईआईएम में दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में देश-विदेश के 20 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशक एवं पुस्तक वितरकों ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य संस्थान में पठन-पाठन, सतत अधिगम और बौद्धिक संवाद की संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा।

बुधवार को भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का समापन हुआ। प्रदर्शनी में देश-विदेश के 20 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशक एवं पुस्तक वितरकों ने भाग लिया और लगभग 15,000 पुस्तकें प्रदर्शित की गई । इनमें पिछले दो वर्षों में प्रकाशित प्रमुख पुस्तकें भी शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में संस्थान के संकाय सदस्य, शोधार्थी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। भाग लेने वाले प्रकाशकों में वीवा बुक्स, नियोगी बुक्स, एस्स एस्स पब्लिकेशन्स, पैन मैकमिलन इंडिया, हेरिटेज पब्लिशर्स, सेज पब्लिकेशन्स, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, टैक्समैन, अटलांटिक पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स, पियर्सन, द रीडर्स पैराडाइज, सैगाज लर्निंग, वाणी बुक्स, साहित्य भवन, राजकमल प्रकाशन, ऐनी बुक्स, प्रभात प्रकाशन, टेलर एंड फ्रांसिस, रूटलेज तथा ओरिएंट ब्लैकस्वान सहित अन्य प्रकाशक शामिल हैं।
प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों में मुद्रित पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाना तथा डिजिटल संसाधनों के साथ-साथ नियमित पठन की आदत को प्रोत्साहित करना है। यह पहल गहन पठन के महत्व को रेखांकित करती है, जो एकाग्रता, चिंतन और बौद्धिक जिज्ञासा को विकसित करने में सहायक है और अध्ययन एवं शोध के लिए आवश्यक है। प्रदर्शनी में प्रबंधन, मानविकी, मनोविज्ञान, हिंदी एवं अंग्रेजी साहित्य, प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की जीवनियों तथा उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत से संबंधित पुस्तकों का विविध संग्रह उपलब्ध है। आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने कहा कि “पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान का हृदय होता है और इसके संग्रह को समृद्ध बनाना संस्थान की प्रगति के लिए आवश्यक है। पठन से गहन चिंतन, जिज्ञासा और आजीवन सीखने की प्रवृत्ति विकसित होती है।
